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	<title>Comments on: तीन गैरज़रूरी बातें</title>
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	<description>निंदक नीयर राखिये</description>
	<pubDate>Thu, 24 Jul 2008 22:59:00 +0000</pubDate>
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		<title>By: विपुल</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6832</link>
		<dc:creator>विपुल</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 16:58:23 +0000</pubDate>
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		<description>&lt;i&gt;पेंडिंग क्लेम्स की सूचना कंट्रोल पैनल पर पहले से ही है। &lt;/i&gt;
आप submitted चिट्ठे को जब तक सूची में डाल नहीं लेते, वो कहीं नजर नही आता, बंदा दो दिन देखता है, उसके बाद अगर database में जोड़ भी दें, वह वहाँ बार-बार देखने नहीं आएगा। pending से मेरा मतलब pending  your approval है। &#38; you can't trust email notification.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><i>पेंडिंग क्लेम्स की सूचना कंट्रोल पैनल पर पहले से ही है। </i><br />
आप submitted चिट्ठे को जब तक सूची में डाल नहीं लेते, वो कहीं नजर नही आता, बंदा दो दिन देखता है, उसके बाद अगर database में जोड़ भी दें, वह वहाँ बार-बार देखने नहीं आएगा। pending से मेरा मतलब pending  your approval है। &amp; you can&#8217;t trust email notification.</p>
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		<title>By: Debashish</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6831</link>
		<dc:creator>Debashish</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 16:43:21 +0000</pubDate>
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		<description>&lt;b&gt;विपुल‍:&lt;/b&gt; क्लेम करने की प्रक्रिया से वाकई लोग बचना चाहते हैं पर मेरा उद्देश्य ये था कि वे इस बहाने लिंकबैक करेंगे और दूसरा की लिंकबैक कड़ी काम की भी है जो संबद्ध चिट्ठे के प्रोफाइल पृष्ठ पर सीधे ले जाती है। रिजेक्टेड चिट्ठों को ईमेल सूचना इसलिये नहीं दी जाती क्योंकि ये स्प्लॉग भी हो सकते हैं। पर ये सही है कि कंट्रोल पैनल पर ये सूचना दी जा सकती है। पेंडिंग क्लेम्स की सूचना कंट्रोल पैनल पर पहले से ही है। मस्टडाउनलोड्स इसलिये शामिल नहीं की गई क्योंकि ये चिट्ठा नहीं है। पर मैं इस पर पहले से विचार कर रहा हूँ और कूल साईट्स की जगह ज़रूरी कड़ीयाँ रखने का एक पृष्ठ बनाने का विचार ज़रूर है।

&lt;b&gt;संजयः &lt;/b&gt;बोरिंग शायद इसलिये लगता है क्योंकि साईट के बारे में वे पूर्णतः नहीं जानते। मसलन क्या आप जानते हैं कि आप किसी भी चिट्ठे के ताज़े पोस्ट चिट्ठे के प्रोफाईल पृष्ठ पर पढ़ सकते हैं? इस बारे में विस्तार से लिखता हूं। आपके सुझावों का हार्दिक स्वागत है, मुझे ईमेल कर जरूर लिखें।

&lt;b&gt;ज्ञान:&lt;/b&gt; हिन्दी ब्लॉग्स निर्देशिका पर रोज़ टहलना सेहत के लिये भी अच्छा रहेगा :)  दुःख हुआ जानकर कि आपने निरंतर अब तक नहीं पढ़ी (अरररे देखो...ये PSPO नहीं जानता)। अब कुछ पढ़ी है तो अपने विचार बताईयेगा।

&lt;b&gt;सुजाता:&lt;/b&gt; कहानी, कविता, व्यंग्य समीक्षा के लिये निरंतर की कोई डेडलाईन नहीं है, दरवाज़े सदा खुले हैं। बस हमारे कलेवर पर जमे इतना ही ध्यान रखना है। अब कह दिया है तो निभाना होगा, हम बाट जोह रहे हैं :)</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><b>विपुल‍:</b> क्लेम करने की प्रक्रिया से वाकई लोग बचना चाहते हैं पर मेरा उद्देश्य ये था कि वे इस बहाने लिंकबैक करेंगे और दूसरा की लिंकबैक कड़ी काम की भी है जो संबद्ध चिट्ठे के प्रोफाइल पृष्ठ पर सीधे ले जाती है। रिजेक्टेड चिट्ठों को ईमेल सूचना इसलिये नहीं दी जाती क्योंकि ये स्प्लॉग भी हो सकते हैं। पर ये सही है कि कंट्रोल पैनल पर ये सूचना दी जा सकती है। पेंडिंग क्लेम्स की सूचना कंट्रोल पैनल पर पहले से ही है। मस्टडाउनलोड्स इसलिये शामिल नहीं की गई क्योंकि ये चिट्ठा नहीं है। पर मैं इस पर पहले से विचार कर रहा हूँ और कूल साईट्स की जगह ज़रूरी कड़ीयाँ रखने का एक पृष्ठ बनाने का विचार ज़रूर है।</p>
<p><b>संजयः </b>बोरिंग शायद इसलिये लगता है क्योंकि साईट के बारे में वे पूर्णतः नहीं जानते। मसलन क्या आप जानते हैं कि आप किसी भी चिट्ठे के ताज़े पोस्ट चिट्ठे के प्रोफाईल पृष्ठ पर पढ़ सकते हैं? इस बारे में विस्तार से लिखता हूं। आपके सुझावों का हार्दिक स्वागत है, मुझे ईमेल कर जरूर लिखें।</p>
<p><b>ज्ञान:</b> हिन्दी ब्लॉग्स निर्देशिका पर रोज़ टहलना सेहत के लिये भी अच्छा रहेगा <img src='http://nuktachini.debashish.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  दुःख हुआ जानकर कि आपने निरंतर अब तक नहीं पढ़ी (अरररे देखो&#8230;ये PSPO नहीं जानता)। अब कुछ पढ़ी है तो अपने विचार बताईयेगा।</p>
<p><b>सुजाता:</b> कहानी, कविता, व्यंग्य समीक्षा के लिये निरंतर की कोई डेडलाईन नहीं है, दरवाज़े सदा खुले हैं। बस हमारे कलेवर पर जमे इतना ही ध्यान रखना है। अब कह दिया है तो निभाना होगा, हम बाट जोह रहे हैं <img src='http://nuktachini.debashish.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /></p>
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	<item>
		<title>By: sanjay tiwari</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6829</link>
		<dc:creator>sanjay tiwari</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 15:57:19 +0000</pubDate>
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		<description>हिन्दी चिट्ठों की निर्देशिका की प्रारूप परिकल्पना जितनी अच्छी है वहां जाना उतना ही उबाऊ और निरर्थक. शायद यही कारण है कि लोग बार-बार वहां नहीं जाते. आप लोग फिर से सोचिए कि उसको समसामयिक रूप से और प्रासंगिक कैसे बनाया जा सकता है. जरूरी हुआ तो माले मुफ्त सलाह बेमुरौवत कुछ हमारी तरफ से भी.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>हिन्दी चिट्ठों की निर्देशिका की प्रारूप परिकल्पना जितनी अच्छी है वहां जाना उतना ही उबाऊ और निरर्थक. शायद यही कारण है कि लोग बार-बार वहां नहीं जाते. आप लोग फिर से सोचिए कि उसको समसामयिक रूप से और प्रासंगिक कैसे बनाया जा सकता है. जरूरी हुआ तो माले मुफ्त सलाह बेमुरौवत कुछ हमारी तरफ से भी.</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: विपुल</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6827</link>
		<dc:creator>विपुल</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 15:27:18 +0000</pubDate>
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		<description>&lt;blockquote&gt;जो ब्लॉग जोड़ देते हैं, वो उसे क्लेम नहीं करते जिससे कि ब्लॉग के प्रोफाईल पृष्ठ पर रचयिता के रूप में उनका नाम नहीं दिखता।&lt;/blockquote&gt;

हिन्दी चिट्ठाकार अभी claim करने में संकोच करता है, शायद काफी लोग सक्षम नहीं हैं, जो सक्षम हैं उन के पास समय नहीं है। दूसरा हिन्दीब्लॉगस् पर अर्जी भरने पर अगर आपने ब्लाग को reject किया तो बताना तो चाहिए। हि.मस्टडाउनलोड्स डॉटकॉम register करी पर पता नहीं reject कयूँ हुई, अगर निरन्तर आ सकता है तो यह क्यू नहीं, वैसे अधिकार आपका है, मगर सूचना आती तो अच्छा लगता। pending and rejected लिन्क भी control panel में दिखने चाहिएँ। एग्रीगेटरों की भी श्रेणी रखें।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<blockquote><p>जो ब्लॉग जोड़ देते हैं, वो उसे क्लेम नहीं करते जिससे कि ब्लॉग के प्रोफाईल पृष्ठ पर रचयिता के रूप में उनका नाम नहीं दिखता।</p></blockquote>
<p>हिन्दी चिट्ठाकार अभी claim करने में संकोच करता है, शायद काफी लोग सक्षम नहीं हैं, जो सक्षम हैं उन के पास समय नहीं है। दूसरा हिन्दीब्लॉगस् पर अर्जी भरने पर अगर आपने ब्लाग को reject किया तो बताना तो चाहिए। हि.मस्टडाउनलोड्स डॉटकॉम register करी पर पता नहीं reject कयूँ हुई, अगर निरन्तर आ सकता है तो यह क्यू नहीं, वैसे अधिकार आपका है, मगर सूचना आती तो अच्छा लगता। pending and rejected लिन्क भी control panel में दिखने चाहिएँ। एग्रीगेटरों की भी श्रेणी रखें।</p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: सुजाता</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6826</link>
		<dc:creator>सुजाता</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 08:55:02 +0000</pubDate>
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		<description>अजी क्या भेजना है। कविता, कहानी, लेख, व्यन्ग्य? हम सारे काम आखरी तारीख के हिसाब से करते है‍ सो यह भी बताओ कि लास्ट डेट क्या है ?</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अजी क्या भेजना है। कविता, कहानी, लेख, व्यन्ग्य? हम सारे काम आखरी तारीख के हिसाब से करते है‍ सो यह भी बताओ कि लास्ट डेट क्या है ?</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: ज्ञानदत्त</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6814</link>
		<dc:creator>ज्ञानदत्त</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 01:43:05 +0000</pubDate>
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		<description>1. भैया, ऐसा प्रयोग अपने बस का नहीं. किया तो ठीक. पर काहे कह कर ललचाते हो! :) 
2. हिन्दी ब्लॉग्स पर टहल आये हैं.
3. सच बात है कि निरंतर पढ़ी ही नहीं. हमें लगा था कि ये आप लोगों का आपसी जमावड़ा है. :)</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>1. भैया, ऐसा प्रयोग अपने बस का नहीं. किया तो ठीक. पर काहे कह कर ललचाते हो! <img src='http://nuktachini.debashish.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
2. हिन्दी ब्लॉग्स पर टहल आये हैं.<br />
3. सच बात है कि निरंतर पढ़ी ही नहीं. हमें लगा था कि ये आप लोगों का आपसी जमावड़ा है. <img src='http://nuktachini.debashish.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /></p>
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	</item>
	<item>
		<title>By: श्रीश शर्मा</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6813</link>
		<dc:creator>श्रीश शर्मा</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2007 01:00:04 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nuktachini.debashish.com/250#comment-6813</guid>
		<description>वाह नई थीम जम रही है, काफी डायनैमिक टाइप दिखती है। 

चिट्ठा निर्देशिका हिन्दी कलेवर में जँच रही है। :P

&lt;blockquote&gt;जी हाँ, खास काम की बातें नहीं हैं। पर कई बार फालतू चीज़ें बताने का भी तो दिल करता है।&lt;/blockquote&gt;
ये तो सच कहा जी, मेरा दिल भी कई बार ऐसा करता है। :)</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>वाह नई थीम जम रही है, काफी डायनैमिक टाइप दिखती है। </p>
<p>चिट्ठा निर्देशिका हिन्दी कलेवर में जँच रही है। <img src='http://nuktachini.debashish.com/wp-includes/images/smilies/icon_razz.gif' alt=':P' class='wp-smiley' /> </p>
<blockquote><p>जी हाँ, खास काम की बातें नहीं हैं। पर कई बार फालतू चीज़ें बताने का भी तो दिल करता है।</p></blockquote>
<p>ये तो सच कहा जी, मेरा दिल भी कई बार ऐसा करता है। <img src='http://nuktachini.debashish.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /></p>
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