<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	>
<channel>
	<title>Comments on: मुगालते में ऐश है</title>
	<atom:link href="http://nuktachini.debashish.com/50/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>http://nuktachini.debashish.com/50</link>
	<description>निंदक नीयर राखिये</description>
	<pubDate>Fri, 08 Aug 2008 00:04:35 +0000</pubDate>
	<generator>http://wordpress.org/?v=2.6</generator>
		<item>
		<title>By: Debashish</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/50#comment-47</link>
		<dc:creator>Debashish</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jun 2005 15:33:00 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nuktachini.debashish.com/?p=50#comment-47</guid>
		<description>अरे भईया "कोई फिल्म" कह कर कयास लगाया था बस! बॉलीवुड वाले जब हॉलीवुड की फिल्मों में काम की बात करते हैं तो वह अक्सर जगमोहन साहब की सॉफ्ट पॉर्न फिल्में ही होती हैं जिन्हें हालीवुड में तो "सी ग्रेड" माना जाता ही है, हमारे यहाँ का केबल वाला भी रात ११ के बाद ही लगा पाता है। जगमोहन अभिनेत्रियों को तो छोड़िये हेमंत "टारजन" बिरजे जैसे अभिनाताओं को भी नंगा कर चुके हैं। यह बात दीगर है कि आजकल वो सामाजिक विषयों पर फिल्में बनाने लगे हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अरे भईया &#8220;कोई फिल्म&#8221; कह कर कयास लगाया था बस! बॉलीवुड वाले जब हॉलीवुड की फिल्मों में काम की बात करते हैं तो वह अक्सर जगमोहन साहब की सॉफ्ट पॉर्न फिल्में ही होती हैं जिन्हें हालीवुड में तो &#8220;सी ग्रेड&#8221; माना जाता ही है, हमारे यहाँ का केबल वाला भी रात ११ के बाद ही लगा पाता है। जगमोहन अभिनेत्रियों को तो छोड़िये हेमंत &#8220;टारजन&#8221; बिरजे जैसे अभिनाताओं को भी नंगा कर चुके हैं। यह बात दीगर है कि आजकल वो सामाजिक विषयों पर फिल्में बनाने लगे हैं।</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: Tarun</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/50#comment-46</link>
		<dc:creator>Tarun</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jun 2005 13:39:00 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nuktachini.debashish.com/?p=50#comment-46</guid>
		<description>बात तो सोलह आने सही कही है, लगे हाथ ये भी बता देते कि वो मूवी कौन सी है। और
जहाँ तक कथनी और करनी का ताल्‍लुक है वो तो हर एक (ज्‍यादतर) सफल इंसान और
देश का मजबूत हथियार बनता जा रहा है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>बात तो सोलह आने सही कही है, लगे हाथ ये भी बता देते कि वो मूवी कौन सी है। और<br />
जहाँ तक कथनी और करनी का ताल्‍लुक है वो तो हर एक (ज्‍यादतर) सफल इंसान और<br />
देश का मजबूत हथियार बनता जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: आशीष</title>
		<link>http://nuktachini.debashish.com/50#comment-45</link>
		<dc:creator>आशीष</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jun 2005 20:50:00 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nuktachini.debashish.com/?p=50#comment-45</guid>
		<description>सही कहे हो देबु भैया, कथनी और करनी में तो लेकिन सबकी अन्तर है। गोरे लोग बात करते हैं समभाव की और सबसे बड़े अलगाववादी भी वही हैं। जैसे अमरीकियों  को गरीबी हटाने की बात करते हुये अजीब लगता है क्योंकि शोषण भी तो वही करते हैं। अमीर देश अफ़्रीका में एक तरफ़ आर्थिक सहायता देने की बात करते हैं और दूसरी तरफ़ खदानों के सोने और हीरे तो निकलवाने के लिये वहां हथियार बेचते हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सही कहे हो देबु भैया, कथनी और करनी में तो लेकिन सबकी अन्तर है। गोरे लोग बात करते हैं समभाव की और सबसे बड़े अलगाववादी भी वही हैं। जैसे अमरीकियों  को गरीबी हटाने की बात करते हुये अजीब लगता है क्योंकि शोषण भी तो वही करते हैं। अमीर देश अफ़्रीका में एक तरफ़ आर्थिक सहायता देने की बात करते हैं और दूसरी तरफ़ खदानों के सोने और हीरे तो निकलवाने के लिये वहां हथियार बेचते हैं।</p>
]]></content:encoded>
	</item>
</channel>
</rss>
