बोले तो…
By Debashish • Sep 26th, 2005 • Category: ब्लॉगिस्म
- सिक्स अपार्ट २००६ में छोड़ने जा रहा है नया शगूफा, प्रोजेक्ट कॉमेट, जो कहते हैं कि लाईव जर्नल, टाईप पैड और मूवेबल टाईप का सम्मिश्रण है। अब यह कॉमेट कैसा होगा यह तो वो ही जाने पर म्हारे को तो जै याहू ३६० डिग्रीज़ जैसी ही बात लगे है।
- फीड के दीवानों के लिये एक और नया आनलाईन फीडरीडर है फिंडोरी। ब्लॉगलाईंस का सफाया करने को उतारु यह हजरत न केवल कोई भी OPML सूची बल्कि ब्लॉगलाईंस के सब्सक्रिप्शन्स को भी इम्पोर्ट करने का माद्दा रखते हैं। कहा जा रहा कि यह बहुत “तेज़” है, यह बात है तो आज़मा कर देखना पड़ेगा!
- नाम कमाना है तो जर्मनी के देशवैले द्वारा आयोजित ब्लॉग अवार्ड में शुमार हों। बताना तो वैबी अवार्ड के बारे में भी चाहता हूँ पर यहाँ तो कुछ जीतने के लिये दमड़ी लगेगी। दूर से प्रणाम!
Tagged as: देशवैले, फिंडोरी, ब्लॉगलाईंस, वैबी, कॉमेट
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रे भाया! तने पाछे काय नइ बतायो, जे ते, लाख टके की बात कही तन्ने,
इक बात कहूँ धणि, थारो जे खबरनामो, घणों चोखो है, इन्ने चिट्ठा विश्व पर भी चिपकाना मत भूल्यो.