कश्मीर और पाकिस्तानी अंर्तविरोध
By nitin • Mar 9th, 2004 • Category: अतिथि का चिट्ठा, किस्से कुर्सी केमेहमान का चिट्ठाः नितिन
मेरा यह मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपने भारत-विरोध को छोड़ खुद अपनी राह पर नहीं चलता तब तक उप-महाद्वीप में पूर्ण शांति की आशा नहीं की जा सकती। 1947 के बाद चाहे-अनचाहे पाकिस्तान एक स्वतंत्र राष्टृ बन गया है, यह एक सत्य है। लेकिन स्वतंत्र पाकिस्तान की अपनी स्वतंत्र विचारधारा [...]









