नुक्ताचीनी ~ Hindi Blog


Archive for the ‘अतिथि का चिट्ठा’ Category

बॉलीवुड और चोरी की प्रेरणा

By • Apr 8th, 2004 • Category: रुपहली दुनिया, अतिथि का चिट्ठा

मेहमान का चिट्ठा: हेमन्त विगत दिनों जब बार्बरा टेलर ने सहारा टीवी के धारावाहिक करिश्मा को कॉपीराईट उल्लंघन के आधार पर बंद करवाने की धमकी दी थी तो बॉलीवुड में सपने बुनने के कारखाने को तो जैसे साँप सूँघ गया था। हालाँकि बाद में बार्बरा मान‍ मनोव्वल से बस में कर ली गईं पर इस […]



कश्मीर और पाकिस्तानी अंर्तविरोध

By • Mar 9th, 2004 • Category: किस्से कुर्सी के, अतिथि का चिट्ठा

मेहमान का चिट्ठाः नितिन मेरा यह मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपने भारत-विरोध को छोड़ खुद अपनी राह पर नहीं चलता तब तक उप-महाद्वीप में पूर्ण शांति की आशा नहीं की जा सकती। 1947 के बाद चाहे-अनचाहे पाकिस्तान एक स्वतंत्र राष्टृ बन गया है, यह एक सत्य है। लेकिन स्वतंत्र पाकिस्तान की अपनी स्वतंत्र […]



बाल मजदूरी और हम

By • Feb 5th, 2004 • Category: आसपास, अतिथि का चिट्ठा

मेहमान का चिट्ठा: चारू एक सीधा‍ सादा सवाल करती हुँ, बाल मजदूरी क्या है? ज़रा इस व्यक्तव्य पर नज़र डालें… विश्व में सबसे ज्यादा बाल मजदूर भारत में हैं, विश्वस्त अनुमानों के अनुसार भारत में बाल मजदुरों की संख्या 6 से 11.5 करोड़ के बीच है। शिवकाशी के पटाखा कारखानों में, बीड़ी और कालीन बनाने […]