नुक्ताचीनी


Archive for the ‘व्यक्तिगत’ Category

पॉडभारती का आठवाँ अंक जारी

By Debashish • Apr 3rd, 2008 • Category: व्यक्तिगत

पॉडभारती का आठवाँ एपीसोड अब पॉडभारती डॉट कॉम पर आपके लिये उपलब्ध है। पॉडभारती के इस अंक में आप सुन सकते हैं

भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद लड़ रहे कर्नाटक के एक वरिष्ठ IAS अधिकारी विजयकुमार की पत्नी के अदम्य साहस की कथा,
लोकप्रिय हिन्दी चिट्ठाकार उन्मुक्त की प्रभावशाली आवाज़ में कैप्टन स्कॉट की डायरी से दक्षिणी ध्रुव [...]



13 साल का सीईओ

By Debashish • Jul 24th, 2007 • Category: व्यक्तिगत

13 साल की उम्र में आपके क्या किया करते थे? ज़रा याद कीजीये। आप शायद अपनी खेल कूद और यार दोस्तों के साथ की शैतानियों का पिटारा खोल रहे होंगे। अगर मैं कहूं कि कैलिफोर्निया, अमेरिका में सांतवी ग्रेड के भारतीय छात्र अंशुल समर इसी उम्र में अपनी कंपनी खोल चुके हैं तो आप ज़रूर [...]



निरंतर पत्रिका के पुराने अंक नष्ट

By Debashish • May 1st, 2007 • Category: व्यक्तिगत

मेरी मूर्खता की वजह से निरंतर पत्रिका के अक्षरग्राम पर रखे पुराने अंक पूर्णतः नष्ट हो चुके हैं और हमारे पास पुराने अंकों का कोई भी बैकअप उपलब्ध नहीं है। ये शायद मेरे जीवन का सबसे दुखदायी दिन है, काश टालमटोल करने की बजाय मैं पुराने अंकों के बैकअप पहले ही रख लेता।
यदि आपके पास [...]



डोमेन ले लो, डोमेन

By Debashish • Feb 20th, 2007 • Category: व्यक्तिगत

हिन्दी में डिग जैसी साईट बनाने के उद्देश्य से मैंने ६ ७ माह पहले दो डोमेन बुक कराये थे। पर योजना पर काम करते करते देर हो गई और मेरा मन इसे पर से उब चला है। मैं ये दोनों डोमेन नाम बेचना चाहता हूं, एक है कड़ीघर डॉट कॉम और दूसरा एक डॉट इन [...]



पूछिए फुरसत से, फुरसतिया से

By Debashish • Jul 26th, 2006 • Category: ज़िंदगी आनलाईन, व्यक्तिगत

निरंतर काउंटडाउन भाग ३
नामचीन हिंदी अखबार देशबंधु में मंझे साहित्यकार और चिंतक हरिशंकर परसाई का एक कॉलम छपता था “पूछिए परसाई से” जिसमें वे पाठकों के प्रश्नों के उत्तर देते थे। तमाम किस्म के प्रश्न, राजनीति, इतिहास, समकालीन परिदृश्य, साहित्य पर जिनमें कुछ चुटीले सवाल भी शामिल होते थे। निरंतर के पहले अवतार में हमनें [...]