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कोउ नृप होउ

हम सोचते हैं कि भ्रष्टाचार की जड़ नेता और राजनीति है इसके उलट दरअसल जड़ हमारे नौकरशाह ही हैं। कर्नाटक में २००८ से २०१३ तक भाजपा सरकार थी और उसके बाद से काँग्रेस। इस सरकारी चोलाबदली से जमीनी हकीकत पर कोई फर्क नहीं पड़ा, सरकारें बदलती हैं पर नौकरशाह तो नहीं बदलते। कोउ नृप होउ।


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कई बार चित्र वाकई वो कहानी बयां कर जाते हैं जिसको हजार शब्दों की दरकार नहीं होती. ईमेल फॉर्वर्ड से प्राप्त 🙂

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