नुक्ताचीनी


Archive for the ‘आसपास’ Category

ऐसी उम्मीद ही क्यों?

By Debashish • Jan 10th, 2008 • Category: आसपास

ऐसी ख़बर से इंडिया का क्या फायदा होगा दोस्त? कुछ क्वालिटी काम करो भाई. इंजीनियर्स, डॉक्टर्स, स्टूडेंट्स, किसान, सैनिक, मंत्री क्या कर रहे हैं बताओ. इंडिया सुपर पावर कैसे बनेगा यह बताओ. हीरो - हीरोइन की ख़बर से आगे नही बढ़ेगा देश.
जोश-18 पर एक फालतू फिल्मी खबर पर उरुगुये के एक पाठक सुनील की [...]



बीच बजरिया

By Debashish • Sep 25th, 2007 • Category: आसपास

थाइलैंड का एक बाज़ार जो जगह का सही उपयोग करता है



आर्थिक गठबंधन

By Debashish • Sep 9th, 2007 • Category: आसपास

विदेश में बच्चे जिस तरह बड़े होते हैं ये नज़दीक से देखा तो मन थोड़ा खट्टा हुआ। बच्चा मचल रहा है कि माँ या पिता गोद में ले ले, सीने के नज़दीक रखे पर वो तो बैठा है बच्चागाड़ी में, मुँह में चुसना जैसे उसका मुंह बंद करने के लिये ही है। बच्चे का हाथ [...]



एक साँड से मुलाकात

By Debashish • Aug 27th, 2007 • Category: आसपास

रोज़ आफिस जाते समय एक नथूने फुलाये सींगधारी से मुलाकात होती है। इसके आसपास पर्यटकों का ताँता लगा रहता है, लोग इसके पीठ पर बैठ, सींगों पर झूल या पूँछ के पास खड़े होकर चित्र खिंचवाते हैं। ये काँसे की बनी साढ़े तीन टन की एक प्रतिमा है जो लोअर मैनहटन में बोलिंग ग्रीन पार्क [...]



पानी पर चल कर दिखलाईये

By Debashish • Aug 27th, 2007 • Category: आसपास

सतना के यादव जी तो चल लेते हैं। पर ये महाशय ज्यादा अच्छा चल लेते हैं