नुक्ताचीनी ~ Hindi Blog


Archive for the ‘ज़िंदगी आनलाईन’ Category

सौहार्दपूर्ण उदासीन आश्चर्य

By • Jun 12th, 2010 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

गूगल के अनुवादक की कृपा से आज यह मजेदार ईमेल मिली (मूल ईमेल के कुछ हिस्से छुपा दिये गये हैं): From: davide szabo Subject: अन्य कोई विषय मेरा नाम दाऊद Szabo है. मैं सिर्फ :978-88-xxxxx-66x ISBN booksprint संस्करणों के साथ एक लघु कहानी पोस्ट booksprintedizioni.xx/deidamaxxx.html. मुझे आश्चर्य है कि अगर आप कृपया मेरे लघु कहानी […]



ज़रा फिर से कहना

By • Sep 10th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

”क्रोम” का बीटा संस्करण कम्प्यूटर व्यावसाय जगत में माइक्रोसॉफ्ट के प्रभुत्व में इज़ाफ़ा करेगा। गूगल के नये ब्राउज़र क्रोम पर बीबीसी हिन्दी की विशेष टिप्पणी। जी दुरस्त फ़रमाया! इससे अच्छा तो मैं जर्मन भाषा में लिखे ब्लॉग को हिन्दी में पढ़ लूं। सुंदर, मैं अनदेखी चिकनी 🙂 पुनश्चः अनुनाद ने ध्यान दिलाया। लगता है बीबीसी […]



देखिये कौन कर रहा है गूगल अनुवादक का प्रयोग

By • Jul 4th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

भले मैं और आप और खास तौर पर भाषा शुद्धतावादी फिलहाल गूगल अनुवादक में नई जोड़ी गई हिन्दी अनुवाद की सेवा का फिलहाल प्रयोग न कर रहे हों पर लगता है स्पैमरों ने ज़रूर इसका इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है।



आग पर बैठे शहर

By • May 19th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

तहलका हिन्दी पत्रिका में झरिया की कोयला खदानों के गिर्द भूमिगत आग के बारे में रोचक खोजपरक लेख छपा है। निरंतर पत्रिका में अतुल अरोरा और मैंने आज से दो साल पहले इसी विषय पर एक और खोजपरक लेख लिखा था, एक दहकते शहर की दास्तान।