नुक्ताचीनी ~ Hindi Blog


Archive for December, 2004

मेहमान का चिट्ठाः नितिन

By • Dec 21st, 2004 • Category: आसपास, अतिथि का चिट्ठा

नुक्ताचीनी ने मेज़बानी की तीसरी अनुगूँज की, और विषय ऐसा था जिस पर एक अंग्रेज़ी ब्लॉगर लगातार लिखते रहे हैं, “द एकार्न” के रचनाकार, सिंगापुर में बसे, नितिन पई। पेशे से दूरसंचार इंजीनियर नितिन एक प्रखर व मौलिक चिट्ठाकार हैं। अपने चिट्ठे में वे दक्षिण‍ एशियाई राजनैतिक और आर्थिक परिदृश्य पर खरी खरी लिखतें हैं, […]



आतंक से मुख्यधारा की राह क्या हो?

By • Dec 20th, 2004 • Category: अनुगूँज

पुर्नवास का प्रश्न केवल हथियार डाल चुके आतंकवादियों के लिए ही नहीं वरन् समाज के पूर्वाग्रहों के शिकार अनेक वर्गों के परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक है, चाहे वो परित्यक्त या व्यभिचार से पीड़ित महिलाएँ हों, किन्नर, अपंग, सजा भुगत चुके अपराधी हों, या एड्स जैसी कलंकित बीमारियों के पीड़ित। इन्हें मुख्यधारा में शामिल करने, अपने साथ […]



भारतीय ब्लॉग मेला: ३७वां संस्करण

By • Dec 11th, 2004 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

भारतीय ब्लॉग मेला में आपका स्वागत है। प्रकाशन में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ और बिना लाग लपेट शुरु करता हूँ यह आयोजन: अतुल सी.एन.एन की एक ख़बर, जिसमें अमेरिकी पयर्टकों को युरोप में परेशानी से बचाने वाले कैनेडियन प्रतीक चिन्हों वाले लिबासों के प्रचलन का ज़िक्र था, का हवाला देते हुए पर्यटन के […]



हिन्दी ब्लॉगरोल

By • Dec 11th, 2004 • Category: ब्लॉगिस्म

मुझे याद आता है कि जितेन्द्र ने संभवतः सबसे पहले यह कहा था कि ब्लॉग जगत से सुर्खियों की तरह वे हिन्दी ब्लॉगरोल जैसा भी कुछ चाहते हैं। मंतव्य यह था कि हर चिट्ठाकार और उनके पाठकों को नए चिट्ठों का पता उसी ब्लॉग से मिल जाए और हर बार टेम्प्लेट से छेड़छाड़ की माथापच्ची […]