ओ तेरी! तुसी इंटरनैट क्रैश कर दित्ता!
ये ज़रूरी समाचार अपने इंडिया में शायद अब तक नहीं पहुंचा होगा। द अनियन की खबर है कि एक बेवकूफ की हरकत से इंटरनेट क्रैश हो गया है। अमरीकी सरकार अब से इसका बैकअप रखने की सोच रही है। अपने कंप्यूटर पर जो कुछ कैश है उसे बचा कर रखिये। विस्तृत खबर इस विडियो में:
देखा जाय तो ये मज़ाक हंसी तो दिलाता है पर कल्पना बड़ी खतरनाक भी है। हम शहरी इंटरनेट के इतने अभ्यस्त हो चुके हैं कि ऐसा कुछ वाकई हो जाय तो हाथ पैर फूलेंगे ज़रूर। और मेरी नौकरी का क्या होगा?




मधु मुस्कान दायक.. ये टिप्टन साहब तो हमारे ही कोई अड्वान्सड वर्ज़न लगते हैं.. दस बारह खिड़्कियां हम भी खोल के बैठे रहते हैं.. अच्छा हुआ आप ने चेता दिया वरना पैंतीस के आस पास चले जाते तो इस महाअपराध का ठीकरा हमारे ही सर फोड़ा जाता.. धन्यवाद..
देवाशीष बाबू अब समझ में आया भाभा एटामिक रिसर्चवाले ई-मेल से प्रविष्टियां क्यों नहीं मंगवा रहे थे? हेडिंग मजेदार है. थोड़ा टेक्स्ट में लिखते तो ठीक था, मेरे कम्प्यूटर में स्पीकर नहीं जुड़ा है.
स्टोरेज कहां होता है – इण्टरनेट पर या कम्प्यूटरों में? फुरसत से कभी बताइयेगा. चिंता तो लग ही गयी है!
देबू भइया, सबक लेकर कमसकम आप तो सावधान रहिएगा ही..
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
अभय: मैंने पहली दफ़ा ये देखा तो दंग रह गया। 1 अप्रैल नहीं है और टीवी देखता नहीं तो सोचा हो सकता है खबर छूट गई हो। फिर पता चला कि अनियन के वीडियो ये कमाल अनेक मुद्दों पर कर चुके हैं और ये बड़े मारक कटाक्ष होते हैं, उनकी साइट पर जाएँ शिक्षा, सुरक्षा जैसे तमाम विषयों पर उन्होंने खिंचाई की है।
संजय: आपने तो मेरी आँखें खोल दीं 😉 बार्क की दूरदृष्टि से परिचय कराने का शुक्रिया!
ज्ञान: ये मानते हुए कि आप वाकई -सीरियसली -सच्ची सच्ची ये सवाल पूछ रहे हैं, जवाब ये है कि इंटरनेट कोई एक महाकाय कंप्यूटर पर नहीं चलता, वेबपेज और एप्लीकेशंस सेंकड़ों बड़े, मँझोले और छोटे कंप्यूटरों यानि सर्वरों पर स्थित हैं। तो स्थिति इतनी विकट नहीं कि पूरा इंटरनेट क्रैश हो जाए 🙂
प्रमोद: आप बड़े निर्दयी हैं। मेरे डेटा की पड़ेली है पर अपने डेटा कि पड़ेली नहीं है 🙂
अनूप: ध्यान रखिएगा, आपकी लंबी लंबी पोस्टें इंटरनेट की सबसे ज़्यादा मेमोरी खाती हैं 🙂
ख़बर सुन कर लगा कि कितनी ही दुनिया हाईटेक हो जाए …एक दिन सबको जाना है ..ये कहाँ जाना है ?