10 नवंबर 2009 को हिन्दी ब्लॉग जगत के सार्वजनिक उपक्रम चिट्ठा चर्चा ने अपनी एक हजारवीं पोस्ट छापी। लेखों के बाढ़ से अपनी रुचि या काम की जानकारी पाने के लिये चिट्ठा चर्चा जैसे मंचों की ज़रूरत हमेशा बनी रहेगी। देखना यह है कि क्या समय के अनुरूप ये अपने को ढाल कर सफलता के नये परचम लहराते हैं या फिर यही कलेवर बनाये रख अपनी लोकप्रियता और उपयोगिता को बरकरार रख पाते हैं।
सामयिकी जालपत्रिका ने चिट्ठा वार्षिकी 2008 हेतु एक सर्वेक्षण का आयोजन किया है। सर्वेक्षण के नतीजों के आधार पर सामयिकी पर “चिट्ठा वार्षिकी 2008″ श्रृंखला के अंतर्गत रपट इस माह प्रकाशित होगी। इस सर्वेक्षण के द्वारा हम हिन्दी चिट्ठामंडल के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग पोस्ट और ब्लॉगरों की भी घोषणा करेंगे। सभी हिन्दी ब्लॉगरों से इस […]
ज़ेमांटा एक ब्राउज़र आधारित सिमेंटिक अनेलिससि इंजन है जो ब्लॉग पोस्ट लिखते समय लेखक को प्रासंगिक कड़ियाँ, चित्र, सामग्री और टैग सुझाता है जिससे पोस्ट लिखना बच्चों के खेल बन जाता है। फिलहाल यह केवल अंग्रेज़ी चिट्ठों के ही काम का है और केवल फायरफाक्स पर ही चलता है, पर यह लगभग सभी लोकप्रिय ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म जैसे ब्लॉगर, वर्डप्रेस, आदि के लिये उपलब्ध है। पढ़िये ज़ेमांटा के बारे में रोचक जानकारी। आप यह प्रविष्टि पॉडभारती पर सुन भी सकते हैं।
वर्डप्रेस 2.5 के बारे में ब्लॉगमंडल में खासी चर्चा है। इसका बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है और इसके थीम व प्लगिन में भारी तोड़फोड़ की आशंका है। खैर इस सारे घटनाक्रम से सिक्स अपार्ट बड़ा झल्लाया हुआ है, उल्लेखनीय है कि संस्थान ने मूवेबल टाईप प्रकल्प को गत दिसंबर में ही ओपन सोर्स घोषित […]
दैनिक भास्कर के भोपाल संस्करण में छपे ब्लॉग परिशिष्ट के बारे में संजय ने लिखा ही है। जैसा सिरिल ने लिखा, सभी ब्लॉग व जालपतों को सही सही लिखने वाला शायद ये पहला अखबारी प्रयास होगा। इसके लिये रवि भैया और अजीत भाई को साधुवाद! मुझसे ब्लॉगिंग के कृष्ण पक्ष पर प्रकाश डालता एक बॉक्स […]
चिट्ठाकार समूह पर अनुनाद ने सूचना दी कि वेबदुनिया भारतीय भाषाओं में अपना ब्लॉगिंग प्लैटफार्म शुरु करने जा रहा है (हालांकि अपनी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने “प्लेटफार्म” की बजाय “ब्लॉग” लिखना उचित समझा जिससे ये समझ आता है कि बड़े समूहों को भी ब्लॉगिंग की वो बात समझ नहीं आ रही जो सामान्य चिट्ठाकारों को […]
2.2 वर्डप्रेस की महत्वाकांक्षी रीलीज़ है जिसमें इस ब्लॉगवेयर में अनेक सुधार किये गये हैं। हालांकि वर्डप्रेस के हर नये रीलीज़ को तुरंत स्थापित करने की गलती कभी नहीं करनी चाहिये क्योंकि प्रयोक्ता समुदाय की राय जैसे जैसे सामने आती है वे पुनः कई बदलाव करते हैं। ज़ाहिर है प्रयोक्ता समुदाय से बड़ा जाँच दल […]
स्पष्टिकरणः यह समूची पोस्ट अप्रेल फूल बनाने के लिये लिखी मजाकिया पोस्ट है, इसमें कही बातें सरासर गप्प हैं और केवल मजे लेने के लिये ही लिखी गई हैं। पाठकों को याद होगा कि चिट्ठा चर्चा में मेरे लगाये कयास पर एनडीटीवी के अविनाश ने टिप्पणी की थी के ये केवल उनका व उनके सहयोगियों […]
लीक से हटकर ब्लॉगिंग की चर्चा पिछली प्रविष्टि में छेड़ी गई थी जिसमें मैंने टंबललॉग का ज़िक्र किया था। इस बार बात करते हैं चिट्ठाकारी के एक और अत्यंत ही रचनात्मक तरीके “हस्तलिखित चिट्ठाकारी” या “इंक ब्लॉगिंग” की। इंक ब्लॉग लिखने के लिये लेखक प्रविष्टि टाईप न कर अपनी हस्तलिपि में ही कागज़ पर लिख […]
ब्लॉगिंग विधा कितनी लोकप्रिय है यह हम सब ही जानते हैं, हर कोई अपनी बात कहने को उत्सुक है। विधा पनपी तो इसने अन्य अनेक रूप गढ़ने शुरु किये, केवल कड़ियों का समावेश करने वाले लिंकब्लॉग, मोबाईल फोन से की जा सकने वाली मोब्लॉगिंग, अपनी आवाज़ को रिकार्ड कर प्रविष्टि का रूप दी जा सकने […]
जी हाँ दिल्ली की ब्लॉगर मीट की सुनने के बाद होश आया कि दो ऐसी ब्लॉगर मीट तो सितंबर 2006 में पुणे में भी हो चुकी हैं जिनकी कहीं भी तस्वीरें नहीं प्रकाशित कि गईं। बहरहाल, ये ब्लॉगर मिलन की खबर बासी सही, चित्र सर्वथा अप्रकाशित हैं। पहले चित्र में मैं हूं रमण कौल के […]
अर्थनीति जैसे विषयों में मेरी खास रुचि नहीं रही पर फिर भी इंडियन इकॉनामी ब्लॉग पर नज़र रखता रहा हूँ। गये साल होम लोन लेने के बाद मुझे भूसंपत्ति के बारे में थोड़ी जानकारी बढ़ाने का मौका मिला और लगातार बढ़ती कीमतों और कर्ज़ दरों को लेकर चिंतित भी रहा। इस बीच लोगों से चर्चा […]
भारतीय काफी छिद्रान्वेशी होते ही हैं॥ हर सेवा, हर चीज़ पर नाकभौं सिकोड़ना, हर बात में नुक्स निकालना और यहाँ तक की अपने ब्लॉग का नाम और विषय भी नुक्ताचीनी रख लेना। पर और अगर यह सब करने के लिये पैसे भी मिलने लगे तो? “स्वपोषित ब्लॉगविधा” या “व्यावसायिक चिट्ठाकारिता” के समर्थक मेरे कई ब्लॉग […]
जब मेरा अंग्रेज़ी ब्लॉग जेरौलर पर हुआ करता था तब फीडबर्नर की मकबूलियत के बावजूद कभी आजमाया नहीं। अपनी चीज़ दूसरे के हाथ देने में डर तो लगता ही है। पर जब वर्डप्रेस पर ब्लॉग स्थानांतरित हुआ तो अपनी इस हिचक पर कोफ़्त हुआ। मेरा ब्लॉग कहीं भी रहे उसके फीड का पता भी क्या […]
ब्लॉगस्ट्रीट अपने नये अवतार में हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के ब्लॉग पर काफी तवज्जोह दे रहा है। ताऊ का ब्लॉग टॉप 100 ब्लॉग में तो शुमार था ही, हाल ही में जो न कह सके और आज नुक्ताचीनी को “ब्लॉग आफ द डे” होने का सम्मान मिला। जालस्थल ने अपनी रेटिंग पद्धति को सुधारने […]
नारद के अस्थाई रूप से बंद होने से हम सभी को ब्लॉक्सीज़न मिलनी बंद हो गई है। ठीक है चिट्ठा विश्व भी है पर यह ब्लॉगडिग्गर की कृपा पर निर्भर रहता है और ब्लॉगडिग्गर महाशय आजकल मनमर्जी से अपडेट होते हैं। आज टेक्नोराती के भ्रमण के दौरान अपने राम को सूझी कि क्यों न उसके […]