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Posts Tagged ‘blog’

नारद की अनुपस्थिती और अस्थाई जुगाड़

By Debashish • Sep 11th, 2006 • Category: ज़िंदगी आनलाईन, ब्लॉगिस्म

नारद के अस्थाई रूप से बंद होने से हम सभी को ब्लॉक्सीज़न मिलनी बंद हो गई है। ठीक है चिट्ठा विश्व भी है पर यह ब्लॉगडिग्गर की कृपा पर निर्भर रहता है और ब्लॉगडिग्गर महाशय आजकल मनमर्जी से अपडेट होते हैं।
आज टेक्नोराती के भ्रमण के दौरान अपने राम को सूझी कि क्यों न उसके फेवरिट [...]



पहला भारतीय ब्लॉगकैम्पः संतोषजनक शुरुवात

By Debashish • Sep 10th, 2006 • Category: ज़िंदगी आनलाईन, ब्लॉगिस्म

भारत की कथित ब्लॉग राजधानी में काफी हलचल है, जी नहीं राजनैतिक सरगर्मी नहीं, भारत के सबसे बड़े अनकाँफ्रेस के रूप में प्रचारित पहले ब्लॉगकैंप का ज़िक्र कर रहा हूँ। यह दो दिवसीय विहंगम आयोजन, जिसमें सुलेखा की खासी भादीगारी है, चैन्नई में इस सप्ताहांत हो रहा है, अनेकानेक लोगों की भागीदारी है और विविध [...]



७५ लाख पाठक हैं भारतीय भाषाओं की साईट्स के

By Debashish • Jul 25th, 2006 • Category: ब्लॉगिस्म

हालिया इंडिया आनलाईन सर्वे २००६ ब्लॉगजगत के लिये उम्मीदों भरे निष्कर्ष ले कर आई है। इस सर्वे के मुताबिक भारत में तकरीबन २.१ करोड़ इंटरनेट प्रयोक्ता हैं और इनमें से ८५ फीसदी, यानि लगभग १.८ करोड़ ब्लॉग पढ़ते हैं, जिनमें ऐसे लोग भी है जो स्वयं ब्लॉगिंग नहीं करते। आंकड़ें अविश्वनीय लगते हैं पर अगर [...]



पर्सनलाईज़्ड जुगाड़

By Debashish • Apr 5th, 2006 • Category: बातें तकनीकी, ब्लॉगिस्म

आप जानते होंगे कि गूगल के परंपरागत गृहपृष्ठ को आप पर्सनलाईज़ यानी अपनी पसंद के मुताबिक ढाल सकते हैं। पहले तो खबरों की फीड, आज का शब्द जैसे मॉड्यूल ही उपलब्ध कराये गये थे पर अब आप गूगल की निर्देशिका से सेंकड़ों ऐसे मॉड्यूल्स में से अपना मनपसंद चुन सकते हैं और उसे अपने पर्सनलाईज़्ड [...]



हिन्दी ब्लॉग‍ गीत

By Debashish • May 21st, 2004 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

याज़ाद ने अनिल के एक चिट्ठे के हवाले से हिन्दी ब्लॉग‍ गीत की बात छेड़ी। तो अपन कहां पीछे रहने वाले थे। हाजिर है कुछ ब्लॉग गीतः
ये अपने बाप्पी दा इश्टाईल में:
ब्लॉगिंग बिना चैन कहां रेSSS
कॉमेन्टिंग बिना चैन कहां रेSSS
सोना नहीं चांदी नहीं, ब्लॉग तो मिला
अरे ब्लॉगिंग कर लेSSS
..ये कुछ अल्ताफ राजा की शैली:
तुम तो [...]