विकीपिडिया एक विशाल मानव निर्मित ज्ञानकोश है, हालांकि हिन्दी विकीपीडिया अभी तुलनात्मक रूप से काफी छोटा है। जब मितुल ने निरंतर के अगस्त अंक में विकीपीडिया पर लेख लिखा तो मेरे मन में यह प्रश्न ज़रूर था कि वेंडेलिस्म यानि विकिपीडिया के पृष्ठों पर सामग्री या तथ्यों को नष्ट या बिगाड़ देने के कार्य पर […]
मेरा डिलिशीयस पुरालेखागार ब्लॉगिंग निबंध प्रतियोगिताचिट्ठाकारी पर निबंध लिखें और 150 डॉलर जीतें।टैग: [wltc essay blogging ब्लॉगिंग] मेरी लोकप्रिय प्रविष्टिडेव वाईनर और ओम मलिक जैसे अनेक ए-लिस्ट चिट्ठाकारों के बयान।टैग: [blogging ब्लॉगिंग] फोटोमैटवर्डप्रेस के रचयिता मैट के ब्लॉग का नया रंगरूप, नई थीम।टैग: [wordpress themes photomatt वर्डप्रेस] लाईसेंसाअपने ब्लॉग की सामग्री को लाईसेंसीकृत कर पैसे […]
कोला में पेस्टीसाईड की उपस्थिति पर बोतल में तूफान कई बार उठे हैं। कोला निर्माता और दोषारोपण करने वाली सी.एस.ई दोनों पर ही संदेह किया जा रहा है। निरंतर के नये अंक में अफ़लातून और अर्जुन स्वरूप की इसी विषय पर एक बहस प्रकाशित हुई। उनके विचारों को पढ़ते समय यह सोचा था कि अपने […]
भारतीय काफी छिद्रान्वेशी होते ही हैं॥ हर सेवा, हर चीज़ पर नाकभौं सिकोड़ना, हर बात में नुक्स निकालना और यहाँ तक की अपने ब्लॉग का नाम और विषय भी नुक्ताचीनी रख लेना। पर और अगर यह सब करने के लिये पैसे भी मिलने लगे तो? “स्वपोषित ब्लॉगविधा” या “व्यावसायिक चिट्ठाकारिता” के समर्थक मेरे कई ब्लॉग […]
निरंतर पत्रिका की भी अब क्षमल फीड उपलब्ध है। आप इसे http://feeds.feedburner.com/nirantar के पते से पढ़ सकेंगे। फीड में पूरे लेख देना तो संभव नहीं पर हाँ नये आलेखों की सूचना पाने के लिये यह उत्तम माध्यम होगा। अवश्य सब्सक्राईब करें।
जब मेरा अंग्रेज़ी ब्लॉग जेरौलर पर हुआ करता था तब फीडबर्नर की मकबूलियत के बावजूद कभी आजमाया नहीं। अपनी चीज़ दूसरे के हाथ देने में डर तो लगता ही है। पर जब वर्डप्रेस पर ब्लॉग स्थानांतरित हुआ तो अपनी इस हिचक पर कोफ़्त हुआ। मेरा ब्लॉग कहीं भी रहे उसके फीड का पता भी क्या […]
गूगल कोआप गूगल खोज परिणामों में सुधार लाने के लिये सार्वजनिक योगदान पाने का एक मंच रहा है। इसकी ताज़ा पेशकश है कस्टमाईज़्ड सर्च इंजन यानी आपका अपना खोज तंत्र। यह है को कुछ कुछ रोल्यो या स्कूपगो जैसा पर चुंकि खोज परिणाम गूगल के ही होंगे खोज के प्रामाणिकता और विस्तार की कल्पना की […]
ब्लॉगस्ट्रीट अपने नये अवतार में हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के ब्लॉग पर काफी तवज्जोह दे रहा है। ताऊ का ब्लॉग टॉप 100 ब्लॉग में तो शुमार था ही, हाल ही में जो न कह सके और आज नुक्ताचीनी को “ब्लॉग आफ द डे” होने का सम्मान मिला। जालस्थल ने अपनी रेटिंग पद्धति को सुधारने […]
मेरा डिलिशीयस पुरालेखागार थिंक फ्लैटइंफोसिस का कार्पोरेट ब्लॉग। क्या यह नये ट्रेंड की शुरुवात है?टैग: [infosys thinkflat corporate+blog blog इंफोसिस ब्लॉग] हिन्दी, उर्दू, अंग्रेज़ी शब्दकोशटैग: [हिन्दी hindi india dictionary शब्दकोश urdu]
नारद के अस्थाई रूप से बंद होने से हम सभी को ब्लॉक्सीज़न मिलनी बंद हो गई है। ठीक है चिट्ठा विश्व भी है पर यह ब्लॉगडिग्गर की कृपा पर निर्भर रहता है और ब्लॉगडिग्गर महाशय आजकल मनमर्जी से अपडेट होते हैं। आज टेक्नोराती के भ्रमण के दौरान अपने राम को सूझी कि क्यों न उसके […]
भारत की कथित ब्लॉग राजधानी में काफी हलचल है, जी नहीं राजनैतिक सरगर्मी नहीं, भारत के सबसे बड़े अनकाँफ्रेस के रूप में प्रचारित पहले ब्लॉगकैंप का ज़िक्र कर रहा हूँ। यह दो दिवसीय विहंगम आयोजन, जिसमें सुलेखा की खासी भादीगारी है, चैन्नई में इस सप्ताहांत हो रहा है, अनेकानेक लोगों की भागीदारी है और विविध […]
आलोक और पंकज ने पहले पहल देखा पर गूगल के हिन्दी विज्ञापन अब यूएफओ के दिखने जैसे विरले नहीं रहे, अक्सर दिख जाते हैं आजकल। देसीपंडित पर आज यह विज्ञापन देखा तो पता लगा कि गूगल वाले हिन्दी मसौदे के इश्तेहार स्वीकारने तो लगे हैं पर किसी तरह की कोई परख नहीं होती। हिज्जों की […]
बेंगाणी बंधुओं की मेहनत रंग लाई है और तरकश नये नवेले स्वरूप में समूह बलॉग के रूप में प्रस्तुत किया गया है। तरकश का नया रूप और कलेवर मनोहारी है, छवि की टीम है ही होनहार कलाकारों का जमावड़ा। तरकश में पंकज, संजय और रवि जैसे पुराने खिलाड़ी तो हैं ही, ब्लॉगिंग के बाण साधने […]
मेरा डिलिशीयस पुरालेखागार योडल अनेक्डोटलयाहू का कार्पोरेट ब्लॉग टैग: [blog corporate cv yahoo ब्लॉग याहू] एनडीटीवी ब्लॉग्सएनडीटीवी ने शुरु किया ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म, पर समझ न आवै क्यों? शेखचिल्ली जी बतावें! टैग: [blog cv ndtv ब्लॉगिंग]
निरंतर काउंटडाउन भाग ३ नामचीन हिंदी अखबार देशबंधु में मंझे साहित्यकार और चिंतक हरिशंकर परसाई का एक कॉलम छपता था “पूछिए परसाई से” जिसमें वे पाठकों के प्रश्नों के उत्तर देते थे। तमाम किस्म के प्रश्न, राजनीति, इतिहास, समकालीन परिदृश्य, साहित्य पर जिनमें कुछ चुटीले सवाल भी शामिल होते थे। निरंतर के पहले अवतार में […]
हालिया इंडिया आनलाईन सर्वे २००६ ब्लॉगजगत के लिये उम्मीदों भरे निष्कर्ष ले कर आई है। इस सर्वे के मुताबिक भारत में तकरीबन २.१ करोड़ इंटरनेट प्रयोक्ता हैं और इनमें से ८५ फीसदी, यानि लगभग १.८ करोड़ ब्लॉग पढ़ते हैं, जिनमें ऐसे लोग भी है जो स्वयं ब्लॉगिंग नहीं करते। आंकड़ें अविश्वनीय लगते हैं पर अगर […]
निरंतर काउंटडाउन भाग 2 बिल्कुल यही वजह है कि निरंतर, सिर्फ एक मैगैज़ीन नहीं, ब्लॉगज़ीन है। निरंतर के लेखों में सिर्फ संपादक मंडल की ही नही, इसके लेखकों की ही नही वरन् आपकी राय भी सम्मिलित होनी चाहिए। इसी कड़ी में निरंतर के अगस्त अंक में प्रारंभ किया जा रहा है एक नया स्तंभ “जनमंच“। […]