फरवरी सप्ताह ३ के स्वादिष्ट पुस्तचिन्ह

मेरा डिलिशीयस पुरालेखागार फीड आईकॉनहर प्रकार की क्षमल फीड की सुन्दर पहचान। आप भी अपनायें। टैग: [cv feed feedicon icon फीड] याहू यूज़र इंटरफेस ब्लॉगयाहू की लाईब्रेरी के प्रयोग से जुड़े मुद्दे टैग: [yahoo याहू] 83 Degreesमेनू की जगह टैगक्लाउड, भई वाह! टैग: [83+degrees navigation tags टैग+क्लाउड] ब्लॉगकोडकौन सा ब्लॉग पढ़ना चाहेंगे आप आज? टैग: […]

को-कमेंट ~ टिप्पणियों का संसार

मेरे हालिया डिलीशियस कड़ियों में अगर आपने को-कमेंट की कड़ी पर गौर फरमाया हो तो आपने ज़रूर इसे पसंद किया होगा। जो चिट्ठाकार एक से ज़्यादा ब्लॉग पर लिखते हैं उनके लिये यह एक काम का इजाद है। टिप्पणियाँ तो ब्लॉग की आत्मा है (अमित मुझसे सहमत ना हों शायद) और को-कमेंट के द्वारा आप […]

फरवरी सप्ताह २ के स्वादिष्ट पुस्तचिन्ह

मेरा डिलिशीयस पुरालेखागार याहू मुखपृष्ठ की कायापलटसही हो या कोरी अफवाह, जंचता तो है। टैग: [yahoo याहू] मेरा वाला प्रोटोकॉलखबरें हैं कि गूगल अपना इंटरनेट प्रोटोकॉल नेटवर्क बनाने की सोच रहा है। गूगल है तो संभव भी है। टैग: [IP गूगल] याहू खोज करें ईनाम जीतेंक्या आप उन खुशकिस्मत ५ लोगों में से एक हैं? […]

ब्लॉग-संसार का लेखाजोखा

टेक्नोराती के डेविड सिफ्री ने ब्लॉगसंसार का ताज़ा लेखाजोखा प्रस्तुत किया है। इस रपट से कुछ खास बातें हर साढ़े पाँच महीने ब्लॉगमंडल का आकार हो जाता है दोगुना हर सैकंड होता है षक नये ब्लॉग का जन्म, ९ फीसदी ब्लॉग स्प्लॉग होते हैं। हर घंटे करीब ५०,००० नई ब्लॉग प्रविष्टियाँ की जाती हैं टेक्नोराती […]

फरवरी सप्ताह १ के स्वादिष्ट पुस्तचिन्ह

मेरा डिलिशीयस पुरालेखागार सौ साल पहलेअमरीका के सिर्फ १४% घरों में था बाथटब और ८% घरों में फोन! टैग: [1906 america अमरीका] टैगमैनहैंगमैन जैसा खेल डिलिशीयस, टेक्नोराती और फ्लिकर के टैग से। मज़ेदार! टैग: [cv hangman tagman tags टैगमैन हैंगमैन] Nuvvoजाल पर पढ़िये और पढ़ाईये। टैग: [Nuvvo education elearning]

जोक्स असाईड

कल एक नटखट सी नन्ही पोस्ट लिखी और सोचा कि ज़रा मैट के असाईड का करिश्मा देखा जाये। असाईड वर्डप्रेस की के-टू थीम के साथ उपलब्ध है और इसके द्वारा संक्षिप्त से पोस्ट सरलता से दिखायें जा सकते हैं, ईनलाईन या फिर साईडबार पर, मिनी ब्लॉग की तरह। कितने पोस्ट दिखायें जायें, कौन सी श्रेणी […]

आल दी ब्रेस्ट

तो काजोल ने अपनी हसीन बहन तनीशा को अपनी फिल्म “नील एन निकी” की सफलता के लिये क्या कहा? “आल दी ब्रेस्ट”। अब समूची फिल्म में (मेरा मतबल जितनी भी मैं देख पाया) तनीशा ब्रा पहन कर ही घूमती रहीं। दीदार-ए-उभार के सारे रिकार्ड मोहतर्मा की वजह से टूटने से सुना है कि मल्लिका का […]

चाईना रेड थीम का ब्लॉगर रूपांतरण

हिन्दी चिट्ठों के लिये वर्डप्रेस के लोकप्रिय थीम उपलब्ध कराने के प्रयास आवरण की अगली कड़ी में चाईना रेड थीम का ब्लॉगर रूपांतरण प्रस्तुत किया गया है। टेमप्लेट अंग्रेजी या हिन्दी भाषा के ब्लॉग के लिये प्रयुक्त हो सकते हैं। हमेशा की तरह आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी।

हर तरह से पसंद हैं फिल्में

फिल्में क्यों देखता हूँ? मुझे अच्छा लगता है। हम सभी आक्सीजन, जल और हवा पर जीते हैं पर मन की खुराक कुछ और ही होती है। फिल्में मुझे भाती हैं। जब कभी मन खराब होता है तो यह मुझे गुदगुदाकर हंसा देती है, जब अकेला होता हूँ तो मेरा साथ देती हैं, जब परिवार और […]

आवरण ~ चिट्ठों के ब्लॉगर टेम्प्लेट

काफी दिनों से ये विचार मन में मचल रहा था। वर्डप्रेस के रेड ट्रेन जैसे कुछ ब्लॉग थीम पहली ही नजर में मन को भा गये थे पर अपने ब्लॉगर के ब्लॉग पर उसे लाने की बात पर मन मसोस कर रह जाता था। अब थोड़ा खाली समय मिला तो सोचा क्यों न खुशियाँ बाँटी […]

खेलों में देशभक्ति का विकेंद्रीकरण

ज़रा इस सवाल का जल्दी से बिना ज़्यादा सोचे जवाब दें। भारत का राष्ट्रीय खेल कौन सा है? अगर आप सोच में पड़ गये या फिर आपका जवाब क्रिकेट, टेनिस जैसा कुछ था तो जनाब मेरी चिंता वाजिब है। हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी है। पर पिछले कई दशकों में खेलों की हवा का रुख कुछ […]

लताजी को नहीं पता जी?

व्यक्तिपूजन हमारे यहाँ की खासियत है। मकबूलियत मिल जाने भर की देर है चमचों की कतार लग जाती है। मैंने एक दफा लिखा था राजनीति में अंगद के पाँव की तरह जमें डाईनॉसारी नेताओं की, दीगर बात है कि आडवानी ने बाद में दिसंबर तक तख्त खाली करने की “घोषणा” की। पर समाज के अन्य […]

याहू की ब्लॉग सर्च?

खबर तो लीक पहले भी हुई थी पर गूगल भैया ब्लॉग खोज का यंत्र पहले ले आये बाजार में। सुनते हैं कि अब याहू कमर कस चुका है अपने ब्लॉग खोज तंत्रांश को मैदान में उतारने के लिये। ब्लॉगिंग के तो दिन फिर गये लगते हैं!

गूगल चींटी

गूगल अब एक प्रजाति का भी नाम है। खबर है कि चींटीयों की एक नई प्रजाति का नाम “प्रोसिरेटियम गूगल” रखा गया है। चींटियाँ खोजी प्रवृत्ति की तो होती ही हैं पर यह नाम गूगल अर्थ के द्वारा दी गई मदद के एवज में है। देखा? कोई भी काम छोटा नहीँ होता!

कौड़ियों से करोड़ों?

जो यह हजरत कह रहे है कुछ कुछ वैसा ही ख्याल मेरा भी है। पर पहले बात इस पेंटिंग, जिसका नाम यकीनन कुछ भी हो सकता था, “महिशासुर” की, यह तैयब मेहता साहब की पेंटिंग है। आपने सुना ही होगा कि यह तिकड़म १ नहीं २ नहीं ३ नहीं पूरे ७ करोड़ रुपये में किसी […]

नया ब्लॉग वर्गीकरण

क्षेत्रियता और विषय के आधार पर ब्लॉगों के वर्गीकरण तो होते रहते हैं, पहली बार देखा धर्म के नाम पर वर्गीकरण। गॉडब्लॉगकॉन क्रिस्तान ब्लॉगरों का पहला सम्मेलन है जो कथित रूप से इस समुदाय के ब्लॉगरों को एकजुट करेगा। एकजुट ही करना भाया, पृथकता से डर लगता है!

नासा और गूगल

खबर है कि नासा और गूगल अब मिल कर काम करेंगे, दोनों एक विशाल शोध केंद्र बनाने जा रहे हैं। क्या हमारे लालफीताशाह मुल्क में हम इसरो से यह उम्मीद कर सकते थे कभी?