1000वीं चिट्ठा चर्चा पर एक लेटलतीफी पोस्ट

10 नवंबर 2009 को हिन्दी ब्लॉग जगत के सार्वजनिक उपक्रम चिट्ठा चर्चा ने अपनी एक हजारवीं पोस्ट छापी। लेखों के बाढ़ से अपनी रुचि या काम की जानकारी पाने के लिये चिट्ठा चर्चा जैसे मंचों की ज़रूरत हमेशा बनी रहेगी। देखना यह है कि क्या समय के अनुरूप ये अपने को ढाल कर सफलता के नये परचम लहराते हैं या फिर यही कलेवर बनाये रख अपनी लोकप्रियता और उपयोगिता को बरकरार रख पाते हैं।

ज़रा फिर से कहना

”क्रोम” का बीटा संस्करण कम्प्यूटर व्यावसाय जगत में माइक्रोसॉफ्ट के प्रभुत्व में इज़ाफ़ा करेगा। गूगल के नये ब्राउज़र क्रोम पर बीबीसी हिन्दी की विशेष टिप्पणी। जी दुरस्त फ़रमाया! इससे अच्छा तो मैं जर्मन भाषा में लिखे ब्लॉग को हिन्दी में पढ़ लूं। सुंदर, मैं अनदेखी चिकनी 🙂 पुनश्चः अनुनाद ने ध्यान दिलाया। लगता है बीबीसी […]

देखिये कौन कर रहा है गूगल अनुवादक का प्रयोग

भले मैं और आप और खास तौर पर भाषा शुद्धतावादी फिलहाल गूगल अनुवादक में नई जोड़ी गई हिन्दी अनुवाद की सेवा का फिलहाल प्रयोग न कर रहे हों पर लगता है स्पैमरों ने ज़रूर इसका इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है।

फ़ेसबुक, बाबा और क्रिसमस भंडारा

फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग हाल ही में भारत आये थे। कयास लगे भारतियों में बेतहाशा लोकप्रिय आर्कुट से इसी धरती पर दो दो हाथ करने का इरादा बना है। पर सारे कयासों के बीच असलियत कुछ और ही निकली। जानने के लिये पढ़िये पूरी पोस्ट।

गूगल खोज के डब्बे में डब्बा

जी हाँ ये गूगल की एक नई कारगुजारी है। इसके तहत अगर आप गूगल पर किसी खास साईट की खोज कर रहे हों, मसलन BSNL, तो गूगल साईट के खोज परिणामों के तले एक खोज बक्सा और दिखाता है जिससे आप उसी साईट में और गहरा अन्वेशन कर सकें, उदाहरण के लिये broadband। दरअसल गूगल […]

गूगल सजेस्ट हिन्दी में

गूगल इंडिया लैब्स पर आज नज़र गई तो देखा कि गूगल खोज में एक नया फीचर मैदान में उतरने वाला है। यह है गूगल सजेस्ट हिन्दी में। गूगल सजेस्ट के बारे में आप जानते ही होंगे, यह खोज करते वक्त टाईप करते ही आपको संभावित खोज शब्द सुझा कर उसे आटो कंप्लीट करने की सुविधा […]

माईक्रोहू के राज में फ्लिकरसॉफ्ट का भविष्य

माईक्रोसॉफ्ट द्वारा याहू के अधिग्रहण के प्रयास से ब्लॉगमंडल में भारी हलचल तो है ही, चिट्ठाकार पर भी चर्चा जारी है। कुछ लोग खुश है, कुछ खफा, कुछ आशंकित। मुझे तो फ्लिकर और डिलिशियस की खास चिंता है। फ्लिकर पर लोगों ने अपना रोष ज़ाहिर किया, ज़ाहिर तौर पर कुछ अनोखे फोटो अपलोड कर। इस […]

नकली स्टीव जॉब्स का पर्दाफाश :)

करीब एक महीने पहले टेकगॉस के धनंजय ने मुझे एक ऐसे चिट्ठे की जानकारी दी थी जो एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स का एक पैरोडी ब्लॉग था। “द सीक्रेट डायरी आफ स्टीव जॉब्स” नामक इस चिट्ठे का लेखक खुद को स्टीव बताकर यह चिट्ठा चला रहा था। टेकगॉस पर उसका बेहद दिलचस्प साक्षात्कार भी छपा […]

गूगल टीआईएसपी: ब्रॉडबैंड दा बाप

स्पष्टिकरणः यह समूची पोस्ट अप्रेल फूल बनाने के लिये लिखी मजाकिया पोस्ट है, इसमें कही बातें सरासर गप्प हैं और केवल मजे लेने के लिये ही लिखी गई हैं। इंटरनेट सर्विस प्रोवाईडर्स की मनमानी और औनेपौने दामों का आखिरकार जोरदार तोड़ आ ही गया है और वो भी गूगल के द्वारा। गूगल ने आज टीआईएसपी […]

बनाओ अपना गूगल खोजी

गूगल कोआप गूगल खोज परिणामों में सुधार लाने के लिये सार्वजनिक योगदान पाने का एक मंच रहा है। इसकी ताज़ा पेशकश है कस्टमाईज़्ड सर्च इंजन यानी आपका अपना खोज तंत्र। यह है को कुछ कुछ रोल्यो या स्कूपगो जैसा पर चुंकि खोज परिणाम गूगल के ही होंगे खोज के प्रामाणिकता और विस्तार की कल्पना की […]

गलतियों का दौर

आलोक और पंकज ने पहले पहल देखा पर गूगल के हिन्दी विज्ञापन अब यूएफओ के दिखने जैसे विरले नहीं रहे, अक्सर दिख जाते हैं आजकल। देसीपंडित पर आज यह विज्ञापन देखा तो पता लगा कि गूगल वाले हिन्दी मसौदे के इश्तेहार स्वीकारने तो लगे हैं पर किसी तरह की कोई परख नहीं होती। हिज्जों की […]

पर्सनलाईज़्ड जुगाड़

आप जानते होंगे कि गूगल के परंपरागत गृहपृष्ठ को आप पर्सनलाईज़ यानी अपनी पसंद के मुताबिक ढाल सकते हैं। पहले तो खबरों की फीड, आज का शब्द जैसे मॉड्यूल ही उपलब्ध कराये गये थे पर अब आप गूगल की निर्देशिका से सेंकड़ों ऐसे मॉड्यूल्स में से अपना मनपसंद चुन सकते हैं और उसे अपने पर्सनलाईज़्ड […]

गूगल चींटी

गूगल अब एक प्रजाति का भी नाम है। खबर है कि चींटीयों की एक नई प्रजाति का नाम “प्रोसिरेटियम गूगल” रखा गया है। चींटियाँ खोजी प्रवृत्ति की तो होती ही हैं पर यह नाम गूगल अर्थ के द्वारा दी गई मदद के एवज में है। देखा? कोई भी काम छोटा नहीँ होता!

चांद पर चीज़

रश्क होता है गूगल के लोगों की खिलंदड़ी पर। गूगल मैप्स के कुछ लोगों का ताज़ा शगल है गूगल मैप्स पर आधारित गूगल मून। १९६९ की मानव के चंद्रमा पर पदार्पण के नासा के चित्रों पर आधारित जालस्थल। अब आप पूछेंगे कि शीर्षक में यह “चीज़” क्या बला है! ये तो आपको तभी पता चलेगा […]

नाम गुम जायेगा

वैसे मैं जीमेल नाम का इस्तेमाल गूगल मेल की तुलना में कम ही करता था, पर खबर है कि ट्रेडमार्क की लड़ाई में हार के नतीजतन गूगल मेल “जीमेल” नाम का प्रयोग अब नहीं कर पायेगा। तो क्या नाम होना चाहिये आपके मुताबिक? [कड़ी आभार: एरिक]