नुक्ताचीनी



PerformancingAds

Archive for the ‘ज़िंदगी आनलाईन’ Category

चिट्ठों में साँस ले रही है देवभाषा

By Debashish • Mar 16th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

पाठ्य पुस्तकों तक सिमट गई देवों की भाषा संस्कृत को अब जाल पर प्रतिष्ठा दिलाने का बीड़ा अमरीकी विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत भारतीय मूल के कुछ छात्रों ने उठाया है। उनका एक वृहत काम है संस्कृत पत्रिका विश्ववाणी जिसमें वे विविध विषयों पर लेख प्रकाशित करते हैं। प्राचीन भारतीय गणित से लेकर विवेकानंद पर आलेख, सुभाषित, [...]



गूगल खोज के डब्बे में डब्बा

By Debashish • Mar 11th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

जी हाँ ये गूगल की एक नई कारगुजारी है। इसके तहत अगर आप गूगल पर किसी खास साईट की खोज कर रहे हों, मसलन BSNL, तो गूगल साईट के खोज परिणामों के तले एक खोज बक्सा और दिखाता है जिससे आप उसी साईट में और गहरा अन्वेशन कर सकें, उदाहरण के लिये broadband। दरअसल गूगल [...]



गूगल सजेस्ट हिन्दी में

By Debashish • Feb 7th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

गूगल इंडिया लैब्स पर आज नज़र गई तो देखा कि गूगल खोज में एक नया फीचर मैदान में उतरने वाला है। यह है गूगल सजेस्ट हिन्दी में। गूगल सजेस्ट के बारे में आप जानते ही होंगे, यह खोज करते वक्त टाईप करते ही आपको संभावित खोज शब्द सुझा कर उसे आटो कंप्लीट करने की सुविधा [...]



माईक्रोहू के राज में फ्लिकरसॉफ्ट का भविष्य

By Debashish • Feb 6th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

माईक्रोसॉफ्ट द्वारा याहू के अधिग्रहण के प्रयास से ब्लॉगमंडल में भारी हलचल तो है ही, चिट्ठाकार पर भी चर्चा जारी है। कुछ लोग खुश है, कुछ खफा, कुछ आशंकित। मुझे तो फ्लिकर और डिलिशियस की खास चिंता है। फ्लिकर पर लोगों ने अपना रोष ज़ाहिर किया, ज़ाहिर तौर पर कुछ अनोखे फोटो अपलोड कर। इस [...]



राजनैतिक हत्या से लाभ कैसे उठायें

By Debashish • Jan 24th, 2008 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

अगर आप नाईजीरीया के कबिलाई राजाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी प्रदान करने वाले स्पैम ईमेलों से उकता चुके हैं तो लीजिये स्पैमर इनमें कुछ रोचक बदलाव भी ला रहे हैं। मेरे जीमेल के स्पैम फिल्टर से बच निकले इस ईमेल को नोश फरमाईये जो आपको एक कद्दावार नेता की हत्या से लाभ कमाने का न्योता [...]