नुक्ताचीनी ~ Hindi Blog


Archive for March, 2004

हम ब्लॉग

By • Mar 29th, 2004 • Category: ब्लॉगिस्म

प्राकृत भाषा में ब्लॉग की बात करें तो निःसंदेह अगुआई का सेहरा तमिल भाषियों के सर बंधेगा। हिन्दी चिट्ठों के संसार में नई लहर उठे अभी शायद कुछ माह ही हुए हैं, आलोक ने भी तकरीबन १ साल पहले अपना हिन्दी चिट्ठा शुरु किया था, पर तमिल भाषा में कई चिट्ठाकारों ने मिलकर इस आंदोलन […]



बस आगे बढ़तें रहें

By • Mar 23rd, 2004 • Category: ब्लॉगिस्म

पंकज के मुवेबल टाइप के अनुवाद के दौरान हुई चर्चा में मैंने या विचार रखे थे कि log, trackback, preview, template, password, username, archives, flag, bookmarklet जैसे पारिभाषिक शब्दों को जस का तस लिखना चाहिए, हर शब्द का हिन्दीकरण उचित नहीं। पंकज का मानना है: मैं सोचता हूँ कि अनुवाद ऐसा होना चाहिए जो कि […]



कश्मीर और पाकिस्तानी अंर्तविरोध

By • Mar 9th, 2004 • Category: किस्से कुर्सी के, अतिथि का चिट्ठा

मेहमान का चिट्ठाः नितिन मेरा यह मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपने भारत-विरोध को छोड़ खुद अपनी राह पर नहीं चलता तब तक उप-महाद्वीप में पूर्ण शांति की आशा नहीं की जा सकती। 1947 के बाद चाहे-अनचाहे पाकिस्तान एक स्वतंत्र राष्टृ बन गया है, यह एक सत्य है। लेकिन स्वतंत्र पाकिस्तान की अपनी स्वतंत्र […]



काव्यालयः बनकर याद मिलो

By • Mar 9th, 2004 • Category: मनभावन

कॉलेज के दिनों में हर कोई कवि बन जाता है, कम से कम कवि जैसा महसूस तो करने लगता है। जगजीत के गज़लों के बोलों के मायने समझ आने लगते हैं और कुछ मेरे जैसे लोग अपनी डायरी में मनपसंद वाकये और पंक्तियाँ नोट करने लगते हैं। कल अपने उसी खजाने पर नज़र गयी तो […]