नुक्ताचीनी


Posts Tagged ‘nirantar’

खास चिट्ठाकारी में आम ट्रॉलिंग

By Debashish • Jul 22nd, 2007 • Category: हम बोलेंगे तो...

मुझे मालूम है कि ये ट्रॉलिंग है पर चुंकि ये करने वाले रजनीश मंगला हैं, जो पुराने ब्लॉगर है और शायद इंटरनेटिय हाईबरनेशन पर थे, इसीलिये ये जवाबी पोस्ट लिख रहा हूं। ट्रॉलिंग इसी लिये कह रहा हूं क्योंकि इन्होंने सर्वज्ञ के एक पृष्ठ का हवाला देकर लिखा पर उसको विकी के डिस्कशन पृष्ठ पर […]



तीन गैरज़रूरी बातें

By Debashish • Jul 22nd, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

जी हाँ, खास काम की बातें नहीं हैं। पर कई बार फालतू चीज़ें बताने का भी तो दिल करता है। जीटॉक पर आपको बताता तो खफा हो जाते, ईमेल पर बताना खुद मुझे गवारा नहीं, तो पोस्ट तो बनती है न? शुक्र मनाईये कि इसको तीन अलग अलग पोस्ट बना कर नहीं डालीं।
तो पहली बात […]



ख़त्म हुये फितूर?

By Debashish • May 13th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

पिछले कई दिनों से कई किस्म के फितूर सवार रहे हैं और अब थोड़ी राहत मिली कि इनमें से कुछ फलीभूत भी हुये हैं।
पहला फितूर तो पॉडकास्टिंग का ही था, चलो रेडियो न सही यहीं हाथ आजमा लिया जाय ये सोच कर शशि के साथ पिछले पखवाड़े पॉडभारती हिन्दी पॉडज़ीन की शुरुवात की गई। पहले […]



निरंतर पत्रिका के पुराने अंक नष्ट

By Debashish • May 1st, 2007 • Category: व्यक्तिगत

मेरी मूर्खता की वजह से निरंतर पत्रिका के अक्षरग्राम पर रखे पुराने अंक पूर्णतः नष्ट हो चुके हैं और हमारे पास पुराने अंकों का कोई भी बैकअप उपलब्ध नहीं है। ये शायद मेरे जीवन का सबसे दुखदायी दिन है, काश टालमटोल करने की बजाय मैं पुराने अंकों के बैकअप पहले ही रख लेता।
यदि आपके पास […]



भूसंपत्ति की कीमतें : मुख्यधारा का मीडिया अब चेता

By Debashish • Feb 14th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन, ब्लॉगिस्म

अर्थनीति जैसे विषयों में मेरी खास रुचि नहीं रही पर फिर भी इंडियन इकॉनामी ब्लॉग पर नज़र रखता रहा हूँ। गये साल होम लोन लेने के बाद मुझे भूसंपत्ति के बारे में थोड़ी जानकारी बढ़ाने का मौका मिला और लगातार बढ़ती कीमतों और कर्ज़ दरों को लेकर चिंतित भी रहा। इस बीच लोगों से चर्चा […]