निरंतर काउंटडाउन भाग १ निरंतर एक अभिनव प्रयोग रहा है। यह पहली ऐसी पत्रिका है जो न केवल गैरपेशेवर प्रकाशकों द्वारा निकाली जाती है बल्कि पाठकों को प्रकाशित लेखों पर त्वरित टिप्पणी करने का मौका भी देती है। इस तरह ये सिर्फ ज़ीन नहीं, विश्व की प्रथम ब्लॉगज़ीन बन सकी। किसी भी प्रकाशन में पाठकों […]
लेकिन हमारे पास भी तोड़ है। बस इतना करें यह पता अपने ब्राउज़र पर टाईप करेंhttp://techbytes.co.in/experimental/bypass.php? url=http:// ब्लॉगस्पॉट, टाईपपैड या जीओसीटीज़ के जालस्थल पा पता आखिर में जोड़ दें। उदाहरणतः mysite.blogspot.com पर जाने के लिये पता होगा http://techbytes.co.in/experimental/bypass.php? url=http://mysite.blogspot.com/ आप तैयार हैं मनचाहा ब्लॉग पढ़ने के लिये। सरकार को ठेंगा! [साभारः अतानू]
जाल पर भारतीय भाषाओं में लिखने वालों की तादात लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही आनलाईन शब्दकोशों की ज़रूरत भी। मैंने एजैक्स इनेबल्ड अंग्रेज़ी-हिन्दी आनलाईन शब्दकोश शब्दनिधि का ज़िक्र कुछ समय पहले किया था। प्रियांकू, जो कि पहले ज्ञात असमिया ब्लॉगर भी हैं, ने सूचना दी है ऐसे ही एक और शब्दकोश के […]
हिन्दी की जाल पर बढ़ती लोकप्रियता के साथ एक चीज़ जो लोगों को अक्सर ज़रूरत पढ़ती है वह है अंग्रेज़ी से हिन्दी का शब्दकोश, आनलाईन हो तो क्या कहने। जब बगल में न हो तो मैं स्वयं शब्दकोश डॉट कॉम का ही प्रयोग करता रहा हूँ। काफी समय पहले पंकज ने मुझे एक मुक्त लाईसेंस […]
प्रिय श्रीमती जॉय डिश खुशाब आपा, आपको याद होगा कि कुछ महीनों पहले आपने मुझे खत लिखा था। उम्मीद है आप सेहतमंद होंगी। आपका खत पढ़ने के बाद से रो रो कर मेरी आँखे बलूचिस्तान की डबलरोटी की मानिंद सूज गयी थीं। आपको बेवक्त हुये कैंसर का वाकया पढ़कर अल्लाह पर से तो मेरा यकीन […]
पता नहीं गूगल को क्या सूझी, बड़ी शान से गूगल पेजेस (जिसे अब “पेज क्रियेटर” पुकारा जा रहा है) की शुरुवात की घोषणा की, ज़्यादातर इस जीयोसिटिज़ जैसी पुरातन सेवा का वेब २ के ज़माने में लाने का सबब खोजते रहे, पर हैरत की बात यह रही कि प्रारंभ करने के कुछ ही देर बाद […]
गूगल अब एक प्रजाति का भी नाम है। खबर है कि चींटीयों की एक नई प्रजाति का नाम “प्रोसिरेटियम गूगल” रखा गया है। चींटियाँ खोजी प्रवृत्ति की तो होती ही हैं पर यह नाम गूगल अर्थ के द्वारा दी गई मदद के एवज में है। देखा? कोई भी काम छोटा नहीँ होता!
टैगिंग का जोर बढ़ता जा रहा है। इस बीच देसीपंडित पर देखा तो पता चला टैगक्लाउड यानी “टैगों की घटा” के बारे में। मज़ेदार चीज़ है, काफी कुछ टेक्नोराती टैग जैसी। अब जब हिंदी ब्लॉगमंडल में ८० से ज्यादा चिट्ठों का जमघट हो गया है तो टैगक्लाउड से ब्लॉगमंडल में चलती बातचीत के लोकप्रिय विषय […]
रश्क होता है गूगल के लोगों की खिलंदड़ी पर। गूगल मैप्स के कुछ लोगों का ताज़ा शगल है गूगल मैप्स पर आधारित गूगल मून। १९६९ की मानव के चंद्रमा पर पदार्पण के नासा के चित्रों पर आधारित जालस्थल। अब आप पूछेंगे कि शीर्षक में यह “चीज़” क्या बला है! ये तो आपको तभी पता चलेगा […]
वैसे मैं जीमेल नाम का इस्तेमाल गूगल मेल की तुलना में कम ही करता था, पर खबर है कि ट्रेडमार्क की लड़ाई में हार के नतीजतन गूगल मेल “जीमेल” नाम का प्रयोग अब नहीं कर पायेगा। तो क्या नाम होना चाहिये आपके मुताबिक? [कड़ी आभार: एरिक]
भारतीय ब्लॉग मेला में आपका स्वागत है। प्रकाशन में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ और बिना लाग लपेट शुरु करता हूँ यह आयोजन: अतुल सी.एन.एन की एक ख़बर, जिसमें अमेरिकी पयर्टकों को युरोप में परेशानी से बचाने वाले कैनेडियन प्रतीक चिन्हों वाले लिबासों के प्रचलन का ज़िक्र था, का हवाला देते हुए पर्यटन के […]
हिन्दी चिट्ठों के संसार की अनंतर दास्तां प्रस्तुत करने के प्रयास में कुछ सुधार के बाद, चिट्ठा विश्व नए रुप में प्रस्तुत है, जिसमें चिट्ठाकार व चिट्ठा परिचय के स्तंभ जोड़े गए हैं। पद्मजा और नीरव का धन्यवाद करना चाहुँगा जिन्होने इस कार्य में योगदान दिया है। जनभागीदारी की अपेक्षा रखते हुए आपका भी सहयोग […]
याज़ाद ने अनिल के एक चिट्ठे के हवाले से हिन्दी ब्लॉग गीत की बात छेड़ी। तो अपन कहां पीछे रहने वाले थे। हाजिर है कुछ ब्लॉग गीतः ये अपने बाप्पी दा इश्टाईल में: ब्लॉगिंग बिना चैन कहां रेSSS कॉमेन्टिंग बिना चैन कहां रेSSS सोना नहीं चांदी नहीं, ब्लॉग तो मिला अरे ब्लॉगिंग कर लेSSS ..ये […]
फिर वही दौर जब चिट्ठे पढ़ता तो हूँ पर कुछ लिखने का जी नहीं करता। ऐसे में सोचा कुछ बकाया बातें कर ली जाएं। पहले हिन्दी के तकनीकी शब्दों के प्रयोग से संबंधित एक बात। शायद आप को ञात हो, की सूचना प्रोद्योगिकी से संबंधित शब्दों के अंग्रेज़ी से हिन्दी मान्य तजुर्मे यहां उपलब्ध है। […]
तकरीबन 3 सप्ताह के ब्लॉग वनवास के बाद वापसी हो रही है। अभी पूर्ण रूप से मन भी नहीं बन पा रहा है। सब नया सा लग रहा है। 12 फरवरी, 2004 को मेरी माताजी के पेट के अल्सर की शल्यक्रिया की गई। सब ठीक रहा, वो अब घर आ गईं हैं। सुखद बात ये […]
अत्यंत हर्ष की बात है कि चिट्ठों की दुनिया में पहला संस्कृत चिट्ठा जसमीत ने कौटिल्य उपनाम से लिखना प्रारंभ किया है। अहो भाग्यम्! आशा है वे नियमित रूप से लिखेंगे।
शैल का हिंदी चिट्ठा अभिव्यक्ति इस श्रृंखला में एक और कड़ी है। लख लख बधाईयाँ शैल! हिंदी चिट्ठों की जमात में आपका स्वागत है।