नुक्ताचीनी ~ Hindi Blog


Archive for the ‘ज़िंदगी आनलाईन’ Category

मैंक्या, हिन्दी दा पला तो हुआ!

By • Nov 15th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

वॉटब्लॉग ने एक नये हिन्दी पोर्टल दैट्स हिन्दी की खबर दी तो चेहरा जाना पहचाना लगा। दरअसल ये वनइंडिया साईट कुछ समय पहले से मौजूद है और अब नये नाम से सामने आ रही है। हिन्दी समाचार, क्लासीफाईड्स वगैरह पर क्या सामग्री नई है और आ कहाँ से रही है? पड़ताल करें तो माजरा कुछ […]



ब्लॉगिंग में छुआछूतः बद से बदतर भला?

By • Sep 9th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

कथादेश में अविनाश के कॉलम पर अपनी राय लिखी पर समय पर पोस्ट करने से चूक गया। चुंकि अब कमेंटियाकर कुछ लाभ नहीं अतः इस पोस्ट का ही नाजायज लाभ उठाया जा रहा है। नारद काँड के बाद से बारंबार चिट्ठाजगत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात उठ रही हैं। बेवजह ही सही पर चिंताजनक […]



हिन्दी चिट्ठाकारी के दिन बहुरे?

By • Aug 26th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

ये सवाल रवि भैया पूछ रहे हैं चिट्ठा चर्चा पर। प्रसंग है अनामदास, रवीश तथा प्रमोद की ब्लॉग प्रविष्टियों का किसी प्रिंट पत्रिका (“बया”) में प्रकाशन। चिट्ठाकारों का मुख्यधारा के प्रकाशन में जाना नई बात तो नहीं है पर हिन्दी चिट्ठाजगत के लिये ये ज़रूर नई बात है। चिट्ठाकारी के शुरुवाती दिनों में लोग ब्लॉगिंग […]



आईफोन के ऐसे प्रयोग…

By • Aug 13th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन, विडियो

…जिनके विषय में शायद स्टीव जॉब्स भी नहीं जानते 🙂