नुक्ताचीनी ~ Hindi Blog


मुगले आज़म से पगले आज़म तक

By • Feb 27th, 2006 • Category: हम बोलेंगे तो...

ज़ी टीवी के सारेगामापा पर प्रतियोगियों और हीमेश रेशमिया जैसे मेंटॉर का क्या कायाकल्प हुआ है कार्यक्रम के दौरान। किसी के बाल भूरे हो गये तो कोई टोपी लगाने लगा। गोविंदा की किसी फिल्म का डॉयलॉग याद आता है जिसमें वे सतीश कौशिक के किरदार को कहते हैं, “आप जब आये थे तो मुगले आज़म थे और अब पगले आज़म लगते हैं”।

Tagged as: , , , ,

 

1 टिप्पणी »

  1. Test comment for wp-phpmailer.