‘निरंतर’ हिंदी चिट्ठाकारों के सरोकार की आवाज़: ईस्वामी
By eSwami • Jul 27th, 2006 • Category: अतिथि का चिट्ठा, ज़िंदगी आनलाईननिरंतर काउंटडाउन भाग 4
निरंतर को इसके प्रारंभ से ही लेखन और प्रकाशन की एकाधिक विधाओं की वर्णसंकरी (हाईब्रीड) के रूप मे देखता रहा हूँ।
इन्टरनेट पर होते हुए भी माह में एक ही बार ‘टपकती’ निरंतर इलेक्टॉनिक माध्यम वाली द्रुत अविरलता से नहीं बहती। वहीं हर अंक के प्रकाशन से ही द्वीदिशी संवाद के संवेग प्रवाहित [...]








