नुक्ताचीनी


Posts Tagged ‘nirantar’

भूसंपत्ति की कीमतें : मुख्यधारा का मीडिया अब चेता

By Debashish • Feb 14th, 2007 • Category: ज़िंदगी आनलाईन, ब्लॉगिस्म

अर्थनीति जैसे विषयों में मेरी खास रुचि नहीं रही पर फिर भी इंडियन इकॉनामी ब्लॉग पर नज़र रखता रहा हूँ। गये साल होम लोन लेने के बाद मुझे भूसंपत्ति के बारे में थोड़ी जानकारी बढ़ाने का मौका मिला और लगातार बढ़ती कीमतों और कर्ज़ दरों को लेकर चिंतित भी रहा। इस बीच लोगों से चर्चा [...]



विकीपीडिया: वेंडेलिस्म पर लानत

By Debashish • Nov 18th, 2006 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

विकीपिडिया एक विशाल मानव निर्मित ज्ञानकोश है, हालांकि हिन्दी विकीपीडिया अभी तुलनात्मक रूप से काफी छोटा है। जब मितुल ने निरंतर के अगस्त अंक में विकीपीडिया पर लेख लिखा तो मेरे मन में यह प्रश्न ज़रूर था कि वेंडेलिस्म यानि विकिपीडिया के पृष्ठों पर सामग्री या तथ्यों को नष्ट या बिगाड़ देने के कार्य पर [...]



निरंतर पत्रिका की फीड

By Debashish • Oct 27th, 2006 • Category: ज़िंदगी आनलाईन

निरंतर पत्रिका की भी अब क्षमल फीड उपलब्ध है। आप इसे http://feeds.feedburner.com/nirantar के पते से पढ़ सकेंगे। फीड में पूरे लेख देना तो संभव नहीं पर हाँ नये आलेखों की सूचना पाने के लिये यह उत्तम माध्यम होगा। अवश्य सब्सक्राईब करें।



तकनीकी विषयों को विशेष महत्व मिलेः सुनील

By sunil • Jul 31st, 2006 • Category: अतिथि का चिट्ठा, ज़िंदगी आनलाईन

निरंतर काउंटडाउन भाग 6
देबाशीष ने मुझसे पूछा कि मैं निरंतर का किस तरह का हिस्सा बनना चाहूँगा, इसका उत्तर तो केवल यही हो सकता है कि मैं सबसे अच्छा हिस्सा होना चाहूँगा। लेकिन शायद अच्छा हिस्सा होने के लिए, काम कुछ अधिक करना पड़ सकता है, इसलिए अगर सबसे बढ़िया हिस्सा न भी बन सकूँ, [...]



निरंतर में पाठकों की पूरी हिस्सेदारी हो: प्रत्यक्षा

By pratyaksha • Jul 28th, 2006 • Category: अतिथि का चिट्ठा, ज़िंदगी आनलाईन

निरंतर काउंटडाउन भाग ५
जब चिट्ठाकारी शुरु की लगभग उसी समय निरंतर से भी परिचय हुआ। पहली बार पढकर बहुत आनंद आया। इसलिये कि एक तो पढने का कुछ और मसाला मिला और दूसरे इसलिये कि ये पत्रिका कुछ अलग किस्म की लगी थी। अन्य जाल पत्रिकाओं से अलग इस मायने में थी कि कहानी और [...]